14 दिसंबर 2012 - 20:30

एक नए सर्वेक्षण से पता चलता है कि एक तिहाई से अधिक इस्राईली, आर्थिक समस्याओं और अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन में जीवन व्यापन में आ रही समस्याओं के कारण दूसरे देशों में बसना चाहते हैं.......

एक नए सर्वेक्षण से पता चलता है कि एक तिहाई से अधिक इस्राईली, आर्थिक समस्याओं और अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन में जीवन व्यापन में आ रही समस्याओं के कारण दूसरे देशों में बसना चाहते हैं। आर्थिक कठिनाईयों का हवाला देते हुए, ज़ायोनी समाचार पत्र हारेट्ज़ द्वारा कराये गए सर्वेक्षण में कहा गया है कि लगभग 40 प्रतिशत इस्राइली आप्रवासन के बारे में सोच रहे हैं। सर्वेक्षण में ज़ायोनी शासन की बीमार अर्थव्यवस्था को इस शासन के लिए बड़ा ख़तरा बताया गया है। हालिया महीनों में ज़ायोनी शासन द्वारा सुविधाओं में कटौती किये जाने के विरुद्ध अवैध अधिकृत फ़िलिस्तीन में विशाल प्रदर्शन आयोजित हुए थे, इस बारे में ज़ायोनी प्रधान मंत्री नेतनयाहू का कहना है कि दिन प्रतिदिन गिरती अर्थव्यवस्था को बचाने के लिए इस प्रकार के क़दम उठाना आवश्यक हो गया था। नेतनयाहू ने जन सुविधा बजट में कटौती का विरोध करने वालों की मांगे पूरी करने के लिए एक समिति के गठन की घोषणा भी की थी, किन्तु प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उनकी मांगो को लेकर यह शासन गंभीर नहीं है और इस संदर्भ में कोई ठोस क़दम नहीं उठाया गया। सर्वेक्षण में यह भी उल्लेख किया गया है कि 78 प्रतिशत इस्राइलियों को मानना है कि ज़ायोनी शासन ग़रीबी को दूर करने एवं बढ़ती सामाजिक खाई को पाटने में पूरी तरह असफल हो गया है। ....... 166